Saturday, August 15, 2009

मैं तुम्‍हें आजादी देती हूं

जाओ
तुम आजाद हो
मैं तुम्‍हें मुक्‍त करती हूं

यह दिन है
हम सबकी आज़ादी का
हम दोनों आज़ाद हैं
तुम कहीं जाओ
किसी के साथ रहो, सोओ
मैं भी रहना चाहती हूं
ऐसी ही आज़ादी में

बहुत हुआ यार
यह बंधनों में जकड़ा हुआ रिश्‍ता
अब हम एक खुला रिश्‍ता चाहते हैं
आज़ाद हो तुम
और आज़ाद हूं मैं
तमाम वर्जनाओं से
समाजी बंधनों से
मानसिक वेदनाओं से
अनजानी घुटन से

जाओ
आज इस आज़ादी के दिन
मैं तुम्‍हें आज़ादी देती हूं

14 comments:

  1. जाओ
    तुम आजाद हो
    मैं तुम्‍हें मुक्‍त करती हूं..etna asaan nahi hota....yado se mukat hona..kahne ki baat hai....achhi kavita...

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  2. kyaa baat hai....aisi aajaadi...darasal bheetar ke aseem pyaar kaa ghyotak hai...ek acchhi rachna ke liye aapko aabhaar...!!

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  3. भई गज़ब है...
    हज़म करना थोडा़ मुश्किल हो रहा है...

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  4. कभी तो हम एक प्यारे से बंधन को चाहते तो कभी मुक्ती ..दोनों की अपनी एहमियत होती है कुछ पाना है ,तो कुछ खोना भी पड़ता है.. ..अपने ही उसूलों पे चलना है तो उसकी क़ीमत भी वैसे ही चुकानी पड़ती है ...

    If you have the courage of conviction..और दिशा सही है,तो ,कारवाँ बन जा सकता है, वरना तन्हाई ही तन्हाई होगी..

    http://shamasansmaran.blogspot.com

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  5. ममताजी ,
    आपने आजादी की अच्छी व्याख्या करी है।
    स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामानाऍ

    आभार
    हे प्रभू यह तेरापन्थ
    मुम्बई टाईगर

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  6. बेहतर प्रारंभ,स्वागत है।

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  7. चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......
    आप हिन्दी में लिखती हैं. अच्छा लगता है. मेरी शुभकामनाऐं आपके साथ हैं

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  8. बहुत सुन्दर कोमल मन की अभिवयक्ति साथ में बहुत सारी शुभकामनाये आप इस ब्लॉग जगत में नियमित लिखते रहे

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  9. आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . आशा है आप अपने विचारो से हिंदी जगत को बहुत आगे ले जायंगे
    लिखते रहिये
    चिटठा जगत मे आप का स्वागत है
    गार्गी

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  10. अच्छी रचना स्वतन्त्र कर दिया

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  11. boss tussi to chha gaye.....aajadi mubarak ho ...!! i m impressed with ur thoughts....kep it up n up n up ..........mere blog par swagat rahega....

    Jai HO Mangalmay Ho

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  12. प्रेम में आजादी में नही वरन बंधन में सुखद अहसास होता है। एकबार आजाद हो जाने से जिंदगी भर परतंत्रता की कामना रहती है।
    इस स्वाधीनता दिवस पर कामनाओं को आजाद करो न कि साथी को।

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